शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

मेरे दोस्त

जिक्र तो मेरा भी खुब होता है
मेरे रकीबो मे
मेरे हबीबो मे
बता दो लिखा है कहाॅ  मेरा नाम
तेरे रकीबो मे
तेरे हबीबो मे ।।

किसी किसी को ही यह
रूतबा नसीब होता है
वरना कोई इस कदर
किसके करीब होता है
बिठा लिया है जो तुमने
दिल के किसी कोने मे
शफे वो कौनसी है
तेरे रकीबो मे
या तेरे हबीबो मे ।।

जमाने भर की शिकायत
को आज दूर करो
अपने दिल को आज
इस कदर मजबूर करो
रहे ना बाकी कोई गिला
ना आज कोई रूसवा हो
जगा दो आस कोई फिर
तेरे रकीबो मे
तेरे हबीबो मे ।।

दुआ हमारी हो कबुल
ऐसा तो कोई वक्त आए
शुमार खुशनसीबो मे
कभी तो अपना नाम आए
कभी तो महसूस करे
हम भी जमाने का रक्श
उठे फिर अपना चर्चा
मेरे रकीबो मे
मेरे हबीबो मे ।।
��आशुतोष पाण्डेय��

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