मै हिदु भी मै मुस्लिम भी
मै सिख इसाई बहमन भी
मेरे देश की माटी खातिर
मै भारतीय बन कर रह लूँगा ।।
हम आपस मे लड पडते है
है खुब हमारे दंगे भी
कौरव और पांडव की तरह
हम सौ भी है हम पांच भी
पर बलिदानी गाथाओं के लिए
मै भारतीय बन कर रह लूँगा ।।
कुछ कमियां है हममें तो
खुबीयों की कोई कमी नही
गिरते हाथों को थामने को
एक हाथ की कमी नही
अपना कवच कुंडल देकर
मै भारतीय बन कर रह लूँगा ।।
कुछ फुसलाने आते है तो
कुछ बहकाने आते है
वो शैतानों के वंशज
भाई सै भाई को लडाते है
इस भाईचारे की चौखटपर
मै भारतीय बन कर रह लूँगा
जनमे है राम कृष्ण यहाँ
जनमे है गौतम नानक भी
है बलिदानी झांसी की रानी
तो स्वाभिमानी वीर चेनम्मा भी
फिर से होने को कुर्बान यहाँ
मै भारतीय बन कर रह लूँगा।।
बुधवार, 28 जून 2017
भारतीय हूॅ मैं
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