शुक्रवार, 23 जून 2017

दहेज लोभी

हई देखा तनी बौराईल बाडन
सेहरा बांधे के औताईल बाडन
देखा तनी देखा तनी देखा तनी देखा
देखत आनी देखत आनी देखत आनी देखत।।

बड बड जाना बही गईल
बटईक पुछे केतना पानी
देखत आनी देखत आनी देखत आनी देखत ।।

धोबिया के कुकर भईले
घरे के ना घाट के
काम के ना काज के
बोझा भर अनाज के
बतिया करेले ऐसे
गुड्डु रस घोर के
हमहु सुनत बानी हमहु सुनत
देखत आनी देखत आनी देखत आनी देखत ।।

हाथ मे मोबाइल चाही
इंटरनेट फास्ट
पढ पढ पढ भईले
मैट्रीक पास
साइकल क सहुर नाही
बुलट चाही खास
झट पट झट पट फट फट फट फट 
देखत आनी देखत आनी देखत आनी देखत ।।

डुब गई ली मर गईली
माहुर खा के सूत गईली
अपना बाबा भईया के
बोझा कम कर गईली
केतना डुबईबा भईया केतना
लालच क भईया कौनो अंत ना
दिन गईल बरस गईल
देखत आनी देखत आनी देखत आनी देखत ।।
आशुतोष पाण्डेय

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